Jealous meaning in Hindi (ईर्ष्या से कैसे छुटकारा पाएं ?)

jealous meaning in hindi

Jealous meaning in Hindi ( ईर्ष्या से कैसे छुटकारा पाएं? ) | A to Z full information about this topic only at www.jankariabhindime.com

नमस्कार दोस्तों,

स्वागत है आपका जानकारी अब हिंदी में के एक और जानकारी से भरे आर्टिकल में।

Jealous meaning in Hindi

हम मनुष्य को सबसे बुद्धिमान और श्रेष्ठ प्राणी कहते है, क्योंकि हमारे पास emotions, feelings, सोचने की क्षमता जैसी खुबिया है।

उसके साथ कुछ प्राकृतिक स्वभाव भी है, जैसे की गुस्सा होना, नाराज होना, किसी के प्रति ईर्ष्या होना, इत्यादि।

कभी कभार हमें कुछ लोगों के प्रति ईर्ष्या का भाव रहा करता है, और वह हमें चेन से जीने नहीं देता।

हमारे मन में उस व्यक्ति की निष्फलता या बुरा देखने की भावनाए पैदा होने लगती है।

तो क्या आप भी किसी के प्रति होने वाली ईर्ष्या के शिकार है और उससे मुक्ति पाना चाहते है ?

इस प्रश्न के समाधान के लिए आज में बताऊंगा ईर्ष्या से छुटकारा पाने के कुछ प्रैक्टिकल और असरदार तरीके

और ईर्ष्या करने से होने वाले नुकशान के बारे में। तो जानने के लिए जुड़े रहे हमारे साथ।

ईर्ष्या क्या है? (Jealous meaning in Hindi)

ईर्ष्या एक प्राकृतिक भाव है। ईर्ष्या का सरल अर्थ है किसी की सफलता, उन्नति देख मन में होने वाली व्याकुलता, कष्ट, द्वेष या जलन

ईर्ष्या को हम क्रोध, आक्रोश, असंतोष, लाचारी और घृणा का combination भी कह सकते है।

उदाहरण के रूप में पड़ोसी की बड़ी गाड़ी और बंगला देख ईर्ष्या होना या

फिर अपने सहपाठी के परीक्षा में अच्छे गुण प्राप्त करने से ईर्ष्या होना
ईर्ष्या असंतोष का ही परिणाम है।

ईर्ष्या क्यों होती है ? (Jealous meaning in Hindi)

जब हम अपने जीवन में अधूरापन महसूस करते है, और तब हम किसी ऐसे व्यक्ति या अपने आस-पास के लोगो को देखते है जो हम से ज्यादा सफल, सुख-समृद्दि वाले,

और इज्जतदार होते है या उनके पास कोई ऐसी चीज होती है जो हम afford नहीं कर पाते, उस वक्त हमे ईर्ष्या होती है।

हम सदैव यही विचार करते रहते है की काश मेरे पास भी ऐसी चीज होती या काश में उसके जैसा बन पाता।

जैसे की, किसी लड़की को उससे ज्यादा सुंदर लड़की को देखने से सामने वाली लड़की के प्रति ईर्ष्या होना

सहनशीलता की कमी और कम समय में ज्यादा पाने की लालसा भी ईर्ष्या की भावना को प्रबल करती है।

दोस्तों, असंतोष के साथ ईर्ष्या होने का मूलभूत कारण है तुलना (comparison)।

हम हमेशा हमारी तुलना दूसरे लोगो से करते रहते है। जैसे की, परीक्षा का रिजल्ट आया नहीं की,

हमे हमारे मार्क्स से ज्यादा हमारे सहपाठी के मार्क्स जानने की उत्सुकता रहती है।

हमारा सहपाठी 2 विषय में फ़ैल हो जाये और हम 1 में तब भी हम अपने आप को महान मानते है।

हम comparison करते ही जाते है, मेरे पास यह मोबाइल है और उसके पास लेटेस्ट iPhone 11 Pro है।

अतः यही comparison हमें ईर्ष्या और असुरक्षा की ओर धकेल देती है।

ईर्ष्या करने से क्या-क्या नुकसान होते है ?

ईर्ष्या को भगाने का कारगर तरीका उससे होने वाले नुकसान के बारे में जानना।

किसी ने कहा है की ईर्ष्या एक प्रकार का दिमागी कैंसर है।


ईर्ष्या के अनगिनत नुकसान है जैसे की,

ईर्ष्या हमारे पास जो चीज या सुख सुविधा है उसका परिपूर्ण आनंद नहीं लेने देती।

हम हमेशा हमारी चीजों या सुख-समृद्धि से असंतुष्ट रहते है।
ईर्ष्या की भावना या विचारों को पोषित करना हमारे लिए विनाशकारी हो सकता है।

किसी के प्रति गलत सोचने या ईर्ष्या करने से वास्तव में हम हमारा स्वयं का नुकसान करते होते है, क्योकि दूसरे का बुरा सोचने वाले का भी बुरा ही होता है।

ईर्ष्या करने से हमारे मस्तिष्क के स्नायु सिकुड़ने लग जाते है।

जिसका प्रभाव हमारे मन पर पड़ता है। जिसके कारण हमारा स्वभाव चिड़चिड़ा होने लगता है,

घर के सदस्यों के साथ हमारा व्यवहार अच्छा नहीं रहता है। हम घर का वातावरण कलहपूर्ण कर देते है।

कोई ईर्ष्या पूर्ण मनुष्य के साथ रहना पसंद नहीं करता।

लोग हमेशा ऐसे मनुष्य के साथ रहने में अपने आप को असुरक्षित महसूस करते है।

ईर्ष्या, क्रोध जैसी भावनाएँ करने से हार्ट फ़ैल, Depression जैसी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है

ईर्ष्या से होने वाला सबसे बड़ा नुकसान है “समय की बर्बादी“।

जो समय हम किसी अच्छे काम में लगा सकते थे, वह किसी को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाने में गवा देते है।

इससे मनुष्य बहुत जज्बाती और उदास हो जाता है, उसे सामाजिक, मानसिक, पारिवारिक समस्याओ को झेलना पड़ता है।

और तो और उसके निर्णय लेने की क्षमता को गहरी चोट पहुँचती है।

ईर्ष्या से कैसे छुटकारा पाएं ? (Jealous meaning in Hindi)

ईर्ष्या से होने वाले भयंकर नुकसान जानकर हमें यह तो पता चला की

उसे दूर करना अति आवश्यक है, लेकिन ईर्ष्या को दूर करे कैसे ?

तो यह रहे ईर्ष्या को दूर करने के कुछ असरदार और प्रैक्टिकल उपाय

अपने पास उपलब्ध चीजों में संतुष्ट रहना सीखे।

दोस्तों, संतुष्टि ही हमें बाहरी दुनिया की चकाचौंद से बचाये रखता है। कहते है

“संतोषी नर, सदा सुखी”

रस्ते पर चलते आदमी को साइकिल वाले से ईर्ष्या होती है। जब उसके पास साइकिल आती है, तब उसे मोटर साइकिल वाले से ईर्ष्या होती है।

जब उसके पास मोटर साइकिल आ जाये, तब गाड़ी वाले को देखकर सोचता है की, काश मेरे पास भी गाड़ी होती।

और जब उसके पास गाड़ी आए तो प्लेन या हेलीकाप्टर वाले को देख अंदर ही अंदर ईर्ष्या करता है।

ये मिल जाये तो ये चाहिए जैसी भावना मनुष्य के ह्रदय में रहती ही है
ऐसे मानवी की आशा, अपेक्षा आखरी सांस तक थमती नहीं है।

किसी का बुरा करने से अच्छा हमारी वजह से किसी के होठों पर मुस्कराहट लाने की मानसिकता को develop करे।

अपने सोचने का दृष्टिकोण बदलिए, अपने आप को कमजोर न मानिये। अपने अंदर की ईर्ष्या को सकारात्मकता में बदले।

ईर्ष्या कर हम अपने आप का ही नुकसान कर रहे होते है।

किसी की सफलता को देख ईर्ष्या करने से पहले उस मनुष्य का सफलता के पीछे किया हुआ परिश्रम देखे और खुद भी उससे प्रेरित हो।

Comparison करना बंद करे, इस दुनिया में हर व्यक्ति अपने आप में Unique है।

सबके अपने-अपने गुण और कमियां होती है, जैसे कौआ कभी तैर नहीं सकता और मछली कभी उड़ नहीं सकती।

अपनी ईर्ष्या की भावना किसी अच्छे मित्र के साथ शेयर करिए, जिससे आपके मन का भारीपन काम होगा और ईर्ष्या की भावना जन्म ही नहीं लेगी
छोटी-छोटी बातों में दूसरों की प्रशंसा करने की आदत डालिये,

यह आपको भी खुश रखेगी और हमारे आस-पास को लोगो को भी। और तो और वह हमारे रिश्तो को भी मजबूत करेगी

तो यह थे ईर्ष्या से छुटकारा पाने के कुछ असरदार और प्रैक्टिकल उपाय।

हमें आशा है की यह आपके लिए भी असरदार और उपयोगी बनेंगे।

हमारे और लेख जो आपको जरूर पसन्द आयेंगे

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*